कानपुर (जेएनएन)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज से शुरू हुये भारत के 500वें टेस्ट मैच को लेकर बीसीसीआइ व यूपीसीए के साथ ही दर्शकों में भी खासा उत्साह है। यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला ने इस अवसर को जश्न के साथ मनाने की तैयारी की है।
राज्यपाल राम नाईक भारत के 500वें टेस्ट मैच का उद्घाटन किया। इसके बाद टीम इंडिया के आमंत्रित पूर्व कप्तानों का सम्मान किया। इसके लिए डायरेक्टर पवेलियन और बाउंड्री के बीच का स्थान तय किया गया है। बीसीसीआइ द्वारा पूर्व कप्तान चंदू बोर्डे, अजीत वाडेकर, सुनील गावस्कर, कपिल देव, अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, दिलीप वेंगसरकर, श्रीकांत, वीरेंद्र सहवाग, अनिल कुंबले, रवी शास्त्री को आमंत्रित किया गया है।
यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला ने बताया कि महिला क्रिकेट टेस्ट टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी, नीलिमा जोगलेकर, डायना इडुलजी, शुभांगी कुलकर्णी, संध्या अग्रवाल, पूर्णिमा राव, प्रमिला भट्ट, चंद्रकांता कौल, अंजुम चोपड़ा, ममता मबेन, मिताली राज को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। सम्मान समारोह के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे बच्चों में 12 हजार टीशर्ट और 500 वें टेस्ट के अवसर पर 500 किलो लड्डू का वितरण भी किया जाएगा। समारोह के बाद मैच शुरू हो जाएगा। इस दौरान खेल राज्यमंत्री राम सकल गुर्जर भी मौजूद रहेंगे।

रण से पहले मैदान में आजमाइश
ग्रीनपार्क में टेस्ट मैच से एक दिन पहले बुधवार को भारत और न्यूजीलैंड की टीम ने जमकर अभ्यास किया। सुबह के सत्र में टीम इंडिया के खिलाड़ी मैदान में उतरे तो दोपहर को कड़ी धूप में न्यूजीलैंड के खिलाड़ी पसीना बहाते रहे। दोनों टीमों के कोच अनिल कुंबले और माइक हेसन लगातार दिशा-निर्देश देते रहे।
सुबह साढ़े आठ बजे टीम इंडिया के खिलाड़ी ग्रीनपार्क मैदान पहुंच गए थे। टीम इंडिया का आज भी अधिक ध्यान स्पिन गेंदबाजी पर रहा। इसके बाद बल्लेबाज सभी प्रकार के शॉट खेलते रहे। कई बार कोच अनिल कुंबले गेंद लेकर एक्शन समझाते रहे तो बल्लेबाजों को भी टिप्स देते रहे। करीब दस बजे टीम इंडिया ने अभ्यास पूरा कर लिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे न्यूजीलैंड की टीम ग्रीनपार्क पहुंच गई। उस समय तेज धूप थी, इसलिए खिलाडिय़ों ने कुछ ही देर अभ्यास किया फिर पवेलियन में बैठ गए। थोड़ी देर बाद फिर अलग-अलग हिस्सों में अभ्यास शुरू हुआ। कुछ खिलाड़ी कैच का अभ्यास करने लगे, वहीं कुछ बल्लेबाजी का। यहां भी कोच माइक हेसन आगे बढ़कर खिलाडिय़ों को समझाते रहे।