नई दिल्ली.उड़ी हमले के दो दिन बाद पाकिस्तान ने फिर इसी इलाके में आतंकियों की बड़ी खेप दाखिल कराने की कोशिश की। मंगलवार दोपहर 1.10 बजे पाक ने उड़ी में भारतीय चौकियों पर फायरिंग करनी शुरू की। ये करीब 20 मिनट चली। यह करतूत एलओसी पर घुसपैठ की ताक में बैठे 15 आतंकियों के लिए कवर फायर थी। फायरिंग रुकते ही लछीपुरा इलाके में एलओसी के पास सैनिकों ने हलचल देखी। चेतावनी देने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई कर 10 आतंकियों को मार गिराया। सरकार ले सकती है सख्त फैसले, घाटी में ऑपरेशन जारी
– सरकार ने कार्रवाई की रूपरेखा तय करने के लिए बुधवार को सिक्युरटी अफेयर्स की कैबिनेट कमेटी की बैठक बुलाई।
– मीटिंग के लिए राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और मनोहर पर्रिकर पहुंचे। इसके बाद राजनाथ ने सिक्युरिटी अफसरों से बातचीत की।
– इधर, उड़ी समेत घाटी के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। मंगलवार देर रात खोज जारी रही।
– वहीं, हंदवाड़ा के नौगाम सेक्टर में एक और घुसपैठ की कोशिश हुई।
– आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके। इसमें एक जवान शहीद हो गया।
पाक को कैसे जवाब देने की तैयारी कर रहा है भारत?
– सेना पर हुए अब तक के सबसे बड़े हमले पर भारत का माकूल जवाब क्या हो? सरकार में इसपर चर्चा जारी है।
– पीएम स्ट्रैटजी को लेकर कई लेवल पर बात कर चुके हैं। इसके बाद चेतावनी दी गई कि पाक को जवाब दिया जाएगा।
– इससे पहले सोमवार को दिन में पीएम के घर हुई हाई लेवल मीटिंग में पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग कर आतंकवादी देश घोषित करवाने की स्ट्रैटजी पर चर्चा हुई।
– डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक फ्रंट पर भी पाकिस्तान को एग्रेशन दिखाने पर बात की गई।
– सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस स्ट्रैटजी के तहत अमेरिका और रूस के साथ बात भी की है।
– विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी यूएन में जोर-शोर से उड़ी हमले का मुद्दा उठाएंगी।
भारत के पास ये हैं ऑप्शन
बॉर्डर क्रॉस किए बगैर हमला: बगैर बॉर्डर क्रॉस किए मोर्टार से जोरदार हमला करके पाक के आर्मी पोस्ट्स और बंकर्स को खत्म कर दिया जाए। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसमें जवाबी हमला भी होगा।
ऑपरेशन पराक्रम-2: भारत सरकार सेना को पाकिस्तान से लगी सीमा पर तैनात कर सकती है, जैसा की 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इसे ऑपरेशन पराक्रम नाम दिया गया था। इसमें सेना 11 महीने तक पाक सीमा पर तैनात थी।