बाबा रामदेव का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है. इसके लिए प्रिवेंटिव तरीके अपनाने चाहिए. उन्होंने कहा कि लोग घर पर बैठकर ही इसका इलाज कर सकते हैं. गिलोय के पत्ते जो कि दिल्ली और आसपास की सड़कों पर मिल जाते हैं. उनकी डंडी तोड़ कर उनके पत्ते के साथ रस निकालकर पीने से काफी आराम मिलता है.

इसके अलावा अनार का जूस भी काफी फायदेमंद होता है. डेंगू और चिकनगुनिया के लिए इसके अलावा पपीते का पत्ता भी इस्तेमाल किया जा सकता है. सबका जूस मिलाकर दिन में कई बार पीने से डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों को काफी आरामदायक होता है.

बच्चे और महिलाओं को अधिक खतरा
बाबा रामदेव का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर कमजोर लोगों को टारगेट करते हैं. बच्चे, महिलाएं और जो बुजुर्ग लोग हैं उनको ज्यादा खतरा होता है. उनमें इम्यून सिस्टम कमजोर होता है. उससे लड़ने की क्षमता कम हो जाती है.

बाबा ने बताया- उन्हें क्यों नहीं होता डेंगू
इसलिए लोगों को अपना शरीर ढक कर रखना चाहिए. ऐसे मच्छर सुबह के टाइम अपना शिकार बनाते हैं. ये मच्छर साफ पानी के इकट्ठा होने से बनते हैं. इसलिए अपने घर के अंदर गमलों में और आसपास पानी जमा मत होने दें. बाबा रामदेव ने यह भी दावा किया कि पतंजलि चिकित्सालय में भी अच्छी दवाइयां मिलती हैं. योग गुरु का यह भी कहना है कि योग करने से भी शरीर मजबूत बनता है जिससे डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छरों से लड़ने की क्षमता आती है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मुझे मच्छर काटने से कोई असर नहीं होता.