वॉशिंगटन. उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भारत की मुहिम कारगर साबित हो रही है। अमेरिकी कांग्रेस में पाक को आतंकी देश करार दिए जाने को लेकर बिल पेश कर दिया गया है। इस बीच यूएन में बराक ओबामा ने भी पाक को जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई देश प्रॉक्सी वॉर छेड़े हुए है तो उसे बंद करना चाहिए।” बता दें कि 18 सितंबर को कश्मीर के उड़ी में सीमापार से आए आतंकियों ने आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर हमला किया था, जिसमें 18 जवान शहीद हो गए थे। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में लाया गया बिल…
– हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में रिपब्लिकन सांसद टेड पो ने एक अन्य सांसद डाना रोहराबेकर के साथ ‘पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिग्नेशन एक्ट (HR 6069)’ पेश किया।
– पो, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में टेररिज्म पर बनी सबकमेटी के चेयरमैन भी हैं।
– पो के मुताबिक, “अब वक्त आ गया है कि हम पाकिस्तान को उसकी दुश्मनी निकालने के लिए पैसा देना बंद कर दें। उसे वो घोषित कर देना चाहिए जो वो है।”
– पो ने ये भी कहा, “पाकिस्तान एक ऐसा सहयोगी है जिसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह कई सालों से अमेरिका के दुश्मनों को मदद दे रहा है।”
– पो ने साफ शब्दों में कहा, “मैं भारत में कश्मीर में आर्मी बेस पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इस हमले में भारत के 18 जवान शहीद हो गए। भारत हमारा एक करीबी सहयोगी है।”
पो ने और क्या कहा?
– पो ने पाकिस्तान पर ये भी आरोप लगाए, “पाक ने ओसामा बिन लादेन को अपने यहां शरण दी। उसके हक्कानी नेटवर्क से भी अच्छे ताल्लुकात हैं। ये सबूत बताते हैं कि टेररिज्म के खिलाफ छेड़े वॉर में पाकिस्तान किस तरफ है।”
– “साथ ही बराक ओबामा को बिल पर 90 दिन में रिपोर्ट देनी होगी कि पाकिस्तान, इंटरनेशनल टेररिज्म को सपोर्ट करता है या नहीं।”
ओबामा बोले- प्रॉक्सी वॉर बंद करे देश
– यूएन में पाकिस्तान का नाम लिए बिना ओबामा ने कहा, “जो देश प्रॉक्सी वॉर छेड़े हुए है, उसे तुरंत बंद करना चाहिए।”
– ओबामा ने वॉर्निंग देते हुए कहा, “कोई भी कम्युनिटी आतंक के साए में नहीं रहना चाहती। इससे अनगिनत लोग प्रभावित हो रहे हैं।”
– यूएन में अपनी अंतिम स्पीच में उन्होंने कहा, “किसी भी बाहरी ताकत को ये अधिकार नहीं है कि वह किसी दूसरी धार्मिक कम्युनिटी को लंबे समय तक दबाव में रखे।”
– बता दें कि भारत, लंबे समय से पाकिस्तान पर प्रॉक्सी वॉर छेड़ने का आरोप लगाता रहा है।
– भारत का ये भी आरोप है कि पाक की जमीन पर चल रहे जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।
उड़ी हमले में शहीद हुए 18 जवान
– 18 सितंबर को तड़के उड़ी के आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे।
– सीमा पार से आतंकी सलामाबाद नाले से दाखिल हुए थे। आतंकियों ने पोस्ट पर जवानों की अदला-बदली का वक्त चुना था।
– आतंकियो नें जिस टेंट पर ग्रेनेड फेंके थे, वहां जवान सो रहे थे। 13 जवान झुलसकर शहीद हो गए थे।
– इसके बाद दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग ली थी। इसमें इंटरनेशनल लेवल पर पाक को अलग-थलग करने की बात कही गई थी।
– इस बीच यूएन जनरल असेंबली का 71st सेशन में भारत की अगुआई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कर रही हैं। माना जा रहा है कि हमले को लेकर सुषमा पाकिस्तान को करार जवाब देंगी।