कानपुर । गंगा तट पर स्थित कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में गुरुवार से भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले टेस्ट मैच में सब कुछ ऐतिहासिक होगा। यह भारतीय टीम का 500वां टेस्ट मैच है, देश में पहली बार स्पाइडर कैम का प्रयोग होगा। ऐसे में प्रबंधन और प्रशंसकों के साथ ही कोहली की सेना भी यही चाहती है कि टीम इंडिया ऐसी जीत हासिल करे जो स्वर्ण अक्षरों के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाए।

इतिहास रचने को बेताब टीम इंडिया कोई कसर नहीं छोड़ने वाली है। इसकी झलक बुधवार को देखने को भी मिली। तीन टेस्ट मैच की सीरीज के पहले मुकाबले से पहले जब टीम इंडिया अभ्यास के लिए आई तो उसकी स्पिन तिकड़ी रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अमित मिश्र सीधे पिच की तरफ गए। पिछले दिनों बारिश होने के बावजूद पिच सूखी नजर आई और उसमें कुछ क्रैक भी दिख रहे थे।

इसने तीनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। थोड़ी देर बाद तीनों ने पिच क्यूरेटर शिव कुमार से भी बात की। निश्चित ही यह बात कीवी बल्लेबाजों को घेरने को लेकर हुई होगी। सबको पता है कि ग्रीन पार्क की पिच पर जीत दिलाने का दारोमदार स्पिनरों पर ही होगा। निश्चित ही विराट इस मैच में तीन स्पिनरों के साथ ही उतरेंगे।

लंबे सत्र की शुरुआत : इस टेस्ट के साथ भारत के 13 टेस्ट मैचों के लंबे घरेलू सत्र की शुरुआत भी होगी। स्पिन की अनुकूल पिच पर हमेशा भारतीय टीम काफी मजबूत नजर आती है। न्यूजीलैंड के खिलाफ भी यही कहानी दोहराए जाने की उम्मीद है। मेहमान टीम असाधारण प्रदर्शन करके ही हार से बच सकती है। न्यूजीलैंड ने सीरीज की तैयारी के लिए अपना एकमात्र अभ्यास मैच दिल्ली में फिरोजशाह कोटला की सपाट पिच पर खेला, जहां उनके गेंदबाजों ने काफी रन लुटाए। गुप्टिल दो पारियों में सिर्फ 21 गेंद तक टिक सके, जबकि ल्यूक रोंची ने दूसरी पारी में शतक के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। अभ्यास मैच में मुंबई का दबदबा रहा, जिसके तीन बल्लेबाजों ने पहली पारी में शतक बनाया।

इतिहास भी न्यूजीलैंड के खिलाफ है जो अपने पिछले 14 प्रयास में भारतीय सरजमीं पर टेस्ट जीतने में नाकाम रहा है। न्यूजीलैंड ने पिछली बार भारत में 1998 में जीत दर्ज की थी। उसकी 15 सदस्यीय टीम के युवा कप्तान केन विलियमसन और बल्लेबाज रोस टेलर को भारत में पांच टेस्ट खेलने का अनुभव है। दूसरी तरफ भारत ने अपनी सरजमीं पर पिछले दस में से नौ मैच जीते हैं और एक टेस्ट ड्रॉ रहा। वह भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बेंगलुरु में मौसम से प्रभावित मैच था।

सलामी जोड़ी सिरदर्द : भारत के लिए सिरदर्द सलामी जोड़ी तय करना होगा। वेस्टइंडीज दौरे पर अर्धशतक लगाने में नाकाम रहे शिखर धवन को युवा लोकेश राहुल से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट और टी20 दोनों में शतक जड़कर प्रभावित किया है। धवन ने खुद कहा है कि प्रतिस्पर्धा भारतीय टीम के लिए अच्छी है। राहुल को मुरली विजय के साथ अगर पारी शुरू करने का मौका दिया जाता है तो हैरानी नहीं होगी। विजय भी कैरेबियाई सरजमीं पर प्रभावित नहीं कर पाए थे। देखना होगा कि किसे बाहर बैठाया जाता है। चेतेश्वर पुजारा ने भी वेस्टइंडीज दौरे पर मायूस किया था, लेकिन दलीप ट्रॉफी में 166 और नाबाद 256 रन की पारी खेलने के बाद उनका मध्यक्रम में कप्तान कोहली के साथ खेलना लगभग तय है। यह सीरीज रोहित शर्मा के लिए बड़ी परीक्षा होगी जिनके प्रदर्शन पर सवालिया निशान लगा हुआ है। वनडे में शानदार प्रदर्शन करने वाले रोहित टेस्ट क्रिकेट में अब तक उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रहे हैं। अजिंक्य रहाणो ने वेस्टइंडीज में शतक और अर्धशतक जड़ा था और इसीलिए वह मध्यक्रम के दावेदार हैं।