शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल पर एक नवजात बच्चे को मृत बताकर परिजनों को सौंपने का मामला सामने आया हे,दिल्ली सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया |और अस्पताल पर बड़ी कार्यवाई की  हे | इस बात की खबर मिलने पर दिल्ली सरकार के  स्वास्थ्य मंत्री  सत्येन्द्र जैन ने कहा की अस्पताल प्रशासन  की  ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायगी

इस घटना पर कार्यवाही करते हुए दिल्ली पुलिस की और से मैक्स अस्पताल पर मामला दर्ज कर नोटिस दे दिया गया, वही दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल को नोटिस जारी किया था | सत्येंद्र जैन ने  पहले ही बता दिया था की अस्पताल की प्रारम्भिक रिपोर्ट में कुछ गलतिया हे |

प्रारम्भिक रिपोर्ट में स्वास्थ्य मंत्री का बयान :

प्राथमिक रिपोर्ट में मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया की अस्पताल प्रशासन के द्वारा भर्ती हुए नवजात की ईसीजी नहीं की गई थी जिससे यह पता नहीं लग पाया की बच्चा जिन्दा हे या मर चूका हे,और वही अस्पताल प्रशासन के द्वारा बच्चे को मृत बताकर बिना किसी लिखित निर्देश के परिवार को सौंप दिया गया | सत्येंद्र जैन ने ये भी कहा की अस्पताल की लापरवाही की वजह से जीवित और मृत बच्चे को अलग-अलग नहीं रखा गया था |इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने अस्पताल पर कड़ी कार्यवाई करने की बात कही थी |

क्या था पूरा मामला ?

मैक्स अस्पताल में एक औरत को जुड़वाँ बच्चे हुए जिनमे एक बच्चा मृत था जबकि अस्पताल के अनुसार दोनों बच्चो को मृत घोषित कर परिवार वालो को सौंप दिया गया था |

दोनों बच्चो को मृत समझ रहे परिवार जानो ने घर जाने की बाद पाया की एक बच्चा जीवित हे और वो तुरंत उसे पीतमपुरा के एक अस्पताल में लेके गए जहा उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी |इस घटना के बाद परिवारजनों ने मैक्स अस्पताल पर कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन  किया |

इस घटना में डॉक्टर से लेकर अस्पताल के नॉर्सिंग कर्मियों तक सभी के द्वार लापरवाही बरती गयी हे| जिसका खामियाजा अस्पताल को भुगतना पड़ रहा हे, वही बच्चे की माँ के द्वारा मांग की गई की जब तक अस्पताल से दोनों डॉक्टरों को निलंबित नहीं किया जायगा वो अस्पताल के सामने से नहीं हटेंगे |