सेना के मुताबिक रविवार को करीब साढ़े 8 बजे गुरेज सेक्टर में लाइफ ऑफ़ कंट्रोल के पास 10 जवानो की गश्त पर ड्यूटी थी | उसी समय मौसम खराब हो गया और तीन जवान फिसलकर नाले में घिर गए सेनिको के लिए बचाव अभियान चलाया गया है लेकिन मौजम में खराबी के कारण अभियान में काफी परेशानी आ रही है   |

यह इलाका एलओसी से करीब 5 से 6 किलो मीटर के पहले ही है | दूसरी घटना कुपवाड़ा के नौगाम सेक्टर की है,जहा रविवार को तकरीबन शाम 5 बजे सेना के एक अफसर सहित 10 जवान गश्त पर थे उसी समय दो जवान पोस्ट के पास ढलान से घिर गए | सेना ने तुरंत इन जवानो को बचाने के लिए कार्यवाई शुरू कर दी है लेकिन मौसम की खराबी के कारण अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी    | खबर मिली है की इस इलाके में काफी बर्फ गिर चुकी है और बारिश भी हो रही है इसलिए जवानो का पता नहीं लगाया जा सका है | आज से इस इलाके में जवानों के सुरक्षा अभियान में हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल, सोनमर्ग (HAWS) की टीम लगाई जा सकती है , जो इन खतरनाक बर्फीली पहाड़ियों पर खराब हालत से निपटने के लिए प्रशिक्षित है |

इस साल गुरेज सेक्टर में बर्फीले तूफान की वजह से सेना के 10 जवान और 4 आदमी भी मौत के घाट उतर चुके हे जवानो का कहना हे आंतकियो की घुस पेट की वजह से मौसम ख़राब होने के बाद भी पोस्ट को नहीं छोड़ सकते क्योकि जवानो की अनुपस्थिति देख आतंकी इस मोके का फायदा उठा लेते हे |