प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अप्रवासी भारतीय केंद्र में प्रवासी भारतीय संसदीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस सम्मेलन में 23 देशों के 124 सांसद और 17 मेयर के शामिल हुए.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कार्यक्रम को संबोधित किया उन्होंने कहा की 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है,इस कार्यक्रम की शुरुआत अटल जी की सरकार के समय हुई है. इस दिन को इसलिए चुना गया है क्यों की  ९ जनवरी को महात्मा गांधी अफ्रीका से वापस लौटे थे. लेकिन 2003 से ऐसा नहीं हुआ कि जिसमें भारतीय मूल के जनप्रतिनिधियों को बुलाया हो, ये आइडिया पीएम मोदी ने दिया. जिसके बाद इसी साल हमने इस कार्यक्रम का आयोजन किया.

आगे सुषमा ने कहा कि न्यूयॉर्क का मौसम ठीक नहीं था, अतः कुछ सांसदों के ना आने का डर था. फिर भी सभी लोग आए ये काफी खुशी की बात है. सुषमा ने इस दौरान ‘गिरमिटिया’ होने की कहानी बताई और कहा कि इसी कारण कार्यक्रम का थीम ‘संघर्ष से संसद’ तक का सफर रखा है. सुषमा ने इस दौरान कार्यक्रम की थीम और कार्यक्रम की जानकारी दी.

हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है, इस कार्यक्रम में विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों को सम्मानित करना होता है. बीते कई सालों से सरकार प्रवासी भारतीय दिवस मना रही है लेकिन यह पहली बार है कि में प्रवासी भारतीय संसदीय सम्मेलन  का आयोजन किया जा रहा है.