गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी आज ‘युवा हुंकार रैली’ करने वाले हैं. जो संसद मार्ग से पीएम निवास तक निकली जाएगी. मोदी सरकार के विरोध में निकाली जाने वाली इस रैली को 26 जनवरी की सुरक्षा के मद्देनज़र परमिशन नहीं मिली है. लेकिन जिग्नेश मेवाणी और उनके समर्थक रैली करने पर अड़ गए हैं. रैली में मेवाणी के साथ आरटीआई एक्टिविस्ट अखिल गोगोई भी आने होने वाले हैं. साथ ही पश्चिमी उत्तरप्रदेश की भीम आर्मी भी जंतर-मंतर पर रैली में शामिल हो सकती है. भीम आर्मी के कार्यकर्ता चंद्रशेखर आज़ाद के समर्थन में वहां पहुंच रहे हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि 2 जनवरी को इस रैली के ऐलान के बाद से ही इसे रोकने की कोशिश की जा रही है. इस रैली का ऐलान करते हुए जिग्नेश ने कहा था कि हम पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे.

मेवाणी ने कहा कि ये रैली सामाजिक न्याय के लिए है. भीमा कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर हुई हिंसा के मामले में जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसके बाद से ही जिग्नेश मेवाणी ने बीजेपी पर निशाना साधा रखा है.

इस हुंकार रैली को लेकर 2  जनवरी को की गई घोषणा के बाद से ही विवाद हो गया है. जंतर मंतर पर बुलाई गयी इस रैली को की परमिशन को लेकर रैली आयोजित कर रहे संगठन और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं. आयोजक रैली करने पर अड़े हुए है.

इस रैली को लेकर नई दिल्ली के डीसीपी ने सोमवार देर रात एक ट्वीट बताया कि एनजीटी के आदेशों को मद्देनजर रखते हुए अभी तक संसद मार्ग पर होने वाले प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की तरफ से परमिशन नहीं मिली है. डीसीपी के ट्वीट लिखा कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन का आयोजन किसी दूसरी जगह करने की सलाह दी गई है, जिसे वो मानने को राजी नहीं हैं.