गुरुवार को इस साल के बजट से पहले जीएसटी परिषद की आखिरी मीटिंग होने जा रही है। जीएसटी परिषद की होने वाली इस बैठक में जीएसटी को लेकर कई मुख्य फैसले होंगे।

जीएसटी परिषद की बैठक में आम आदमी को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है की मीटिंग में 70 से 80 सेवाओं व उत्पादों पर लगने वाले जीएसटी टैक्स रेट मे कमी की जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट मे माना जा रहा है की जीएसटी परिषद की इस मीटिंग में टैक्स रिटर्न फाइल को आसान बनाने के लिए भी फैसला लिया जा सकता है।

ऐसी उम्मीद है की जीएसटी परिषद की मीटिंग मे 25 उत्पादों पर लगने वाले जीएसटी रेट को कम किया जा सकता है और साथ ही लगभग 50 सेवाओं पर लगने वाले जीएसटी टैक्स रेट को भी कम किया जा सकता है।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार कहा गया है कि ऐसे 5-6 उपकरण जो कृषि के उपयोग मे आते है की जीएसटी रेट को भी घटाकर 18 फिसदी से 12 फिसदी पर लाया जा सकता है।

जीएसटी परिषद की होने वाली मीटिंग से ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है की पेट्रोल और डिजल की बढ़ती कीमतों के मध्य बायोडीजल और इलेक्ट्रिक बसों पर लगने वाले 28 फिसदी जीएसटी टैक्स मे कमी कर 18 फिसदी किया जा सकता है।

जीएसटी परिषद की बैठक में ऐसी कंपनियों जिनका टर्नओवर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा है और जो 10 से ज्यादा स्टेट मे हैं को भी एक खास सुविधा प्रदान की जा सकती है। सरकार इन्हें सिंगल रजिस्ट्रेशन की सुविधा के साथ परिषद लॉ रिव्यू कमिटी की और से दिये गए सुझावों को भी लागू कर सकती है।

लॉ रिव्यू कमिटी ने जीएसटी रिटर्न फाइल को आसान करने के लिए भी कदम उठाने का सुझाव दिया है। रिटर्न भरना आसान करने के लिए भी जीएसटी परिषद की बैठक में फैसला लिया जा सकता हैं। इससे राजस्व बढाया जा सकता हैं।

जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 को एक साथ एक सिंगल फॉर्म में मर्ज किया जाने का भी फैसला लिया जा सकता है। इससे व्यापारियों को हर महीने तीन फॉर्म के जरिये रिटर्न भरने की एवज में सिर्फ एक ही फॉर्म भरना हेागा। बैठक में कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ किए जाने पर भी विचार हो सकता है।