संजय भंसाली की ‘पद्मावत को सेंसर बोर्ड तक पहुंचने से पहले फिल्म पर तरह-तरह के हमले हुए। सेंसर के पास कर देने के बाद भी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश की सरकारों ने फिल्म को बैन कर दिया। फिल्म निर्माता निर्देशक के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला कहते हुए इस बैन को असंवैधानिक करार दे दिया।  अब ‘पद्मावत’25 जनवरी को पूरे भारत में रिलीज होनी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राजस्थान व गुजरात राज्य की सरकारों ने फिल्म की रिलीज पर असमर्थता जताई है।

पिछले साल मधुर भंडारकर की इंदु सरकार को भी थियेटर तक पहुंचने में ज़ोर आया। ये फिल्म इंदिरा गांधी, संजय गांधी और 1975 के आपातकाल पर बनी थी।

पिछले दिनों एस दुर्गा जिसको की सनल कुमार ससिधरन ने बनाया और रवि जाधव की ‘न्यूड’ को भी भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ा। इनके अलावा भी कई फिल्में है जिसको बवाल झेलना पड़। कुछ फीचर फिल्म जिनकी रिलीज को लेकर ऐसी दुश्वारियां रही।

  1. अमु (2005)

डायरेक्टर शोनाली बोस की पहली फिल्म थी ‘अमु’।  इस फिल्म में एक सीन 1984 के सिख-विरोधी दंगों का है। सेंसर ने कहा कि दंगों के सारे रेफरेंस हटा दिए जाएं। इसे देखते हुए शोनाली ने फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं उतारा और सीधे डीवीडी पर रिलीज किया।

  1. सोनिया (2005)

टीडी कुमार के डायरेशन मे बनी फिल्म सोनिया जो कि इटली मूल की युवती सोनिया पर आधारित है 2005 में फिल्म बन गई थी लेकिन पांच साल धक्के खाती रही. सेंसर बोर्ड ने इसे पास करने से मना कर दिया था जो बाद मे रिलीज की अनुमति के बाद भी रिलीज नही हो सकी।

  1. परज़ानिया (2005)

डायरेक्टर राहुल ढोलकिया की फीचर फिल्म थी ‘परज़ानिया’ जिसमें नसीरुद्दीन शाह और सारिका थे। ये फिल्म 2002 के गुजरात दंगों पर आधारित थी। गुजरात में बजरंग दल जैसे संगठनों ने इसे बैन कर दिया था। उनकी हिंसा के डर से वहां के सिनेमाघरों ने इसे लगाने से मना कर दिया।

इस लिस्ट में और कई नाम है।

  1. फिराक़ (2008)
  2. आंधी (1975)
  3. फना (2006)
  4. नील आकाशेर नीचे (1958)