कैश में लेन देन एक बार फिर नोटबंदी के पहले के स्तर पर पहुंच गया है। इससे सरकार की डिजिटल ट्रांजैक्शन योजना दम तोड़ रही है।

सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन की योजना को बढ़ावा देने के लिए निम्न कदम उठा सकती है। इसके अन्तर्गत ऐसे बैंक कर्मियों जो डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देंगे को इंसेंटिव दिया जाएगा। आईटी मंत्रालय के और से वित्त मंत्रालय को सिफारिशें भेजी गयी है। जिसमें सरकार कैश ट्रांजैक्शन को महंगा कर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया हैं। सरकार की यह योजना आम आदमी को झटका लगा सकती हैं।

इस योजना में सरकार बैंक से कैश निकालना कठिन बना सकती है। और एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन करने की लिमिट को भी कम किया जा सकता है। सूत्रों से हवाले से खबर है कि अब कैश ट्रांजैक्शन करना महंगा करके डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वालों को अहमियत दि जा रही हैं। यह सिफारिशें आईटी मंत्रालय को और से वित्त मंत्रालय को दी गई है।

इस योजना में सरकार यह कदम उठाने जा रही है।

  1. बैकों मे कैश काउंटर को कम करना

इस योजना मे बैंको में कैश काउंटर को कम किया जाएगा जिससे कैश निकालना मुश्किल हो जाएगा इससे डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिल सकेगा।

  1. इस योजना मे दुसरा कदम यह हैं कि एटीएम में फ्री ट्रांजैक्शन को कम किया जा सकता है।
  2. इस योजना मे बैंक कर्मियों जो इस योजना को बढ़ावा देंगें को इंसेंटिव देने की सिफारिश की गई है।
  3. इस योजना में रिटेलर्स को फ्री पीओएस मशीन देने की सिफारिश की गई हैं।

5. जितने कैश का टैक्स दिया जाए उतना ही कैश मिले ज्यादा कैश ट्रांजैक्शन पर पेनाल्टी लगाने की सिफारिश की गई है।