प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजना भावांतर और फसल बिक्री पर बोनस की घोषणा से अनाज कारोबारी नाराज हैं। अनाज दलहन-तिलहन व्यापारी महासंघ समिति ने इन योजनाओं के माध्यम से व्यापार के सरकारीकरण का आरोप लगाते हुए 21 से 23 जून तक प्रदेश की सभी अनाज मंडियां बंद रखने की घोषणा कर दी है। इंदौर की छावनी और लक्ष्मीबाई मंडी के साथ ही प्रदेश की कुल 230 मंडियां बंद रहेंगी। इस आंदोलन को ‘आप जागो सरकार की घंटी बजाओ’ नारा दिया गया है।

 

सरकार से अनाज व्यापारियों की ये मांगे  हैं कि  राज्य सरकार भावांतर योजना या खरीदी का एलान करना बंद करें। इससे किसान की उपज का दाम अस्थिर हो जाता है और यह गलत लोगों के हाथ में आता है। सिस्टम के लोग अपने वालों को फायदा पहुंचाते हैं और बदनाम व्यापारी को करते हैं, सरकार व्यापारियों को व्यापार करने दें। इस कारण से छोटे व्यापारी का नुकसान हो रहा हे

1 जुलाई से मंडियों में ई-नीलामी व्यवस्था करने जा रही है। इसे लेकर समिति का विरोध है। उनका कहना है कि अभी मंडियों में ही खरीदी-बिक्री को लेकर विवाद हो जाते हैं, फिर ऑनलाइन सौदों से और भी समस्या होगी।