इंदौर . भय्यू महाराज का बुधवार शाम 3.45 बजे भमोरी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी बेटी कुहू ने उन्हें मुखाग्नि दी। विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार के समय  उनकी दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी वहा मौजूद नहीं थीं। इससे पहले पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए बापट चौराहे पर स्थित उनके सूर्योदय आश्रम में रखा गया था। भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर अपने स्प्रिंग वैली स्थित घर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि देने  कई बड़ी  शख्सियत जैसे केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, मंत्री पंकजा मुंडे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के ओएसडी श्रीकांत, मध्य प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री कम्प्यूटर बाबा ने भय्यू महाराज को श्रद्धांजलि दी।

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज भय्यू महाराज की पहली पत्नी के निधन पर सपरिवार श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। लेकिन इस मोके पर , बुधवार को भमोरी घाट पर वे नहीं आए और ना ही उनकी कैबिनेट का कोई मंत्री।

 

पुलिस को मिले सुसाइड नोट में  भय्यू महाराज ने अपने सेवादार विनायक को सारी जिम्मेदारी सौंपने की बात कही है। लेकिन कुछ लोगो का ऐसा भी कहना हे  कि आश्रम की जिम्मेदारी बेटी कुहू भी ले सकती हैं। वे पहले भी आश्रम के कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं।और इधर विनायक को भी भय्यू महाराज के बहुत करीबी बताया जा रहा हे  विनायक करीब 20 साल पहले भय्यू महाराज के संपर्क में आया। इसके बाद से ही भय्यू महाराज ने उसे आश्रम और घर के सारे कामों का जिम्मा सौंप दिया। उसे घर के सदस्य जैसा दर्जा दिया था।

भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर को रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पारिवारिक विवाद की वजह से उन्होंने ये कदम उठाया। जिस वक्त ये घटना हुई, भय्यू महाराज अपनी बेटी कुहू के कमरे में थे। वह मंगलवार को ही इंदौर आने वाली थी और भय्यू महाराज ने सुबह ही उसका कमरा साफ करवाया था। घटना के वक्त घर में उनकी मां, सेवक विनायक और योगेश थे। पत्नी डॉ. आयुषी बाहर गई थीं। अभी इस बात की कोई ठोस जानकारी नहीं मिली हे कि भय्यू महाराज ने खुदकुशी क्यों की |