14 जून की शाम करीब 7.30 बजे श्रीनगर में राइजिंग कश्मीर अखबार के एडिटर शुजात बुखारी की आतंकवादीयो ने गोली मार कर हत्या कर दी गई. वो शाम को अपने ऑफिस से घर के लिए निकल रहे थे. तभी तीन बाइकसवारों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. शुजात के साथ ही उनके एक सुरक्षाकर्मी की भी मौत हो गई जबकि दूसरा सुरक्षाकर्मी घायल है.एक तरह देखा जाये तो पुरे देश में ईद का माहोल हे और दूसरी तरफ आतंवादीयो के द्वारा यह शर्म नाक घटना श्रीनगर में हुई कश्मीर के पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर बड़ा हमला बताया.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने  शुजात बुखारी को  ट्वीट कर श्रद्धांजली दी. इससे पहले भी सन 2000 में भी शुजात पर जानलेवा हमला हो चुका था, जिसके बाद से उन्हें सरकारी सुरक्षा दी गई थी. घटना के समय शुजात के साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी थे. वो अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी यह हमला हुआ. कश्मीर में बहुत लंबे समय बाद किसी पत्रकार पर कोई हमला हुआ है. आशंका जताई जा रही है इस हमले में आतंकवादियों का ही हाथ है. शुजात ने दी हिन्दू अखबार में भी काम किया था.

शुजात कश्मीर घाटी में शांति के समर्थक थे. वो पाकिस्तान के साथ ट्रेक-2 बातचीत का हिस्सा भी थे. ये घटना ऐेसे समय में हुई है जब रमजान की वजह से जारी सीजफायर ईद के साथ खत्म होने जा रहा है. इससे पहले खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी कश्मीर जाकर सुरक्षा हालातों का जायजा लिया.और अब यह दिल दहला देनी वाली घटना ऐसा लगता हे आतंवादियो को श्रीनगर में शांति पसंद नहीं है