A Soviet made MI-24 Hind helicopter gunship flown by U.S. Army Test and Evaluation (ATEC) Command Threat Support Activity pilots, Biggs Army Airfield, Fort. Bliss Texas attacks Air Defense Artillery (ADA) units during Roving Sands 2000 on June 18, 2000. Stretching across the United States, incorporating all four Services and their National Guard and Reserve components, and with ever growing multi-national participation the total force exercise Roving Sands is the worldÕs largest joint theater air andmissile defense exercise. (U.S. Air Force photo by Tech. Sgt. Jim Varhegyi) (RELEASED)

कैलास मानसरोवर यात्रियों के लिए एक ख़ुशी की बात हे की अब मानसरोवर की यात्रा वे हेलीकॉप्टर से कर सकते है कैलास मानसरोवर यात्रा के उच्च हिमालयी क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर भारी भूस्खलन की वजह से यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के अनुरोध पर यात्रा हेलीकॉप्टर से कराने पर विदेश मंत्रालय ने सहमति जता दी है। रविवार को अल्मोड़ा पहुंचे 57 तीर्थयात्रियों के दूसरे दल को धारचूला के बजाय पिथौरागढ़ भेजा गया।

यात्री अब हेलीकॉप्टर से सीधे गूंजी भेजे जाएंगे। इस वजह से अब यात्रियों को धारचूला से लखनपुर, गर्बाधार, बूंदी तक की 32 किमी पैदल दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। गुंजी से दल नाभी, सेवलापानी, नाभीढांग व लिपूपास जाएगा। इसके बाद तिब्बत में प्रवेश करेगा। यात्रा संचालक कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीरज गर्ब्याल ने बताया कि मौसम को देखते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्र के यात्रा पड़ावों में 25 फीसद अतिरिक्त खाद्यान्न सामग्री का इंतजाम किया गया था। अब यात्री बूंदी नहीं जाएंगे। एमडी के अनुसार, यात्रा का पहला दल गूंजी पहुंच गया है। मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें आगे रवाना किया जाएगा।