मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक डॉक्टर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. डॉक्टर का नाम शफातुल्लाह खान है और इस हत्या में उनकी पत्नी आएशा भी शामिल हैं. शायद आपको यह बात हजम नहीं हो रही होगी कि क्या एक पत्नी भी अपने पति को मार सकती हे लेकिन यह बात बिलकुल सही हे आएशा, शफातुल्लाह के शादी के बाहर दूसरी महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने की आदत से परेशान थीं. कई बार ये संबंध सहमति से बनते थे, तो कई बार लालच और धोखे से. इस झमेले को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए आएशा ने कुछ करीबी रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपने पति का लिंग काट देने का प्लान बनाया. लेकिन बीच में एक रिश्तेदार ने झोल कर दिया और डॉक्टर की हत्या कर दी गई.
शफातुल्लाह खान पेशे से डॉक्टर थे और वो अपने इस पेशे का फायदा महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने में करते थे. ये बात आएशा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताई. आएशा के मुताबिक शफातुल्लाह ने कई लड़कियों से ये वादा किया था कि अगर वो उनके साथ सोएंगी, तो वो उनकी नौकरी लगवा देंगे.और न जाने कितने तरीके से लड़कियों को अपना अवस का शिकार करता था उनकी इस आदत की भनक उनकी पत्नी आएशा को भी थी. लेकिन जब उन्हें ये पता चला कि उनकी भतीजी को भी शफातुल्लाह ने सेक्शुअली मोलेस्ट का शिकार बना लिया है, जब उनकी भतीजी नंदिनी की उम्र मात्र 11 साल थी, तब उनके गुस्से का ठिकाना नहीं रहा. नंदनी तब प्रेगनेंट भी हो गई थी. उन्होंने नंदिनी और उसके पति पवन को अपने घर बुलाया और शफातुल्लाह का लिंग काटकर इस झमेले को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर देने का प्लान बनाया.

पवन ने इस काम के लिए दस-दस हज़ार रुपए में दो आदमी तैयार किए, जिन्हें ये काम करना था. सबकुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था, लेकिन तभी पवन का दिमाग फिर गया. उसने सोचा, जिस आदमी ने उसकी पत्नी का शारीरिक शोषण किया है, उसको तो जान से ही मार देना चाहिए. पवन ने डॉक्टर का लिंग काटने आए आदमियों को दिए गए निर्देश बदल दिए गए. अब डॉक्टर को जान से मारना था. और हुआ भी वही घटना के बाद जब पुलिस शफातुल्लाह के घर पहुंची, तब देखा कि उसकी छाती पर चाकू को 12 निशान थे और गला और कलाई की नस काट दी गई थी. घर से कैश वगैरह भी गायब था.